Vastu Tips- अगर टूटे बर्तनों में करते हैं भोजन, तो आज ही छोड़ दे ये आदत

दोस्तो हिंदू धर्म में वास्तुशास्त्र का बहुत अधिक महत्व है, जिसमें नकारात्मकता दूर कर अपने जीवन में सकारात्मकता लाने के कई निमय बताए गए हैं, ऐसे में बात करें हिंदू धर्म की तो सही और शुद्ध भोजन करने से न केवल शरीर को ऊर्जा मिलती है, बल्कि मन भी शुद्ध होता है। इसलिए इसमें टूटे हुए बर्तनों में भोजन करना गलत बताया गया हैं, जानिए खाना खाने के नियम- 

भोजन का सम्मान

भोजन ईश्वर का आशीर्वाद है और इसे पवित्रता और सम्मान के साथ ग्रहण करना चाहिए। टूटे हुए बर्तनों में भोजन करना इस दिव्य आशीर्वाद के प्रति अनादर का प्रतीक माना जाता है।

अशुभ प्रभाव

टूटे हुए बर्तनों में भोजन करने से घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है और व्यक्ति के जीवन में अशुभ प्रभाव आ सकते हैं। भोजन के प्रति सम्मान बनाए रखना सद्भाव और खुशहाली के लिए आवश्यक माना जाता है।

देवी अन्नपूर्णा का अनादर

भोजन को पोषण की देवी, देवी अन्नपूर्णा का स्वरूप माना जाता है। क्षतिग्रस्त या टूटे हुए बर्तनों में भोजन करना उनका अपमान माना जाता है, जिससे घर में आध्यात्मिक संतुलन बिगड़ सकता है।

पारिवारिक ऊर्जा पर प्रभाव

टूटे हुए बर्तनों में भोजन करने से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है, जिससे परिवार की शांति, सुख और समृद्धि प्रभावित हो सकती है।