Jyotish Tips- मंदिर में तेल का दीपक जलाना कैसा होता हैं, शुभ या अशुभ
- byJitendra
- 31 Jan, 2026
दोस्तो जैसा कि हम सब जानते हैं कि हिंदू धर्म में घरों में सुबह और शाम दीपक जलाने कि एक पुरानी और पवित्र प्रथा है। यह प्रथा सिर्फ़ एक रस्म से कहीं ज़्यादा है - माना जाता है कि यह आध्यात्मिक और भौतिक लाभ लाती है, और आसपास के माहौल को सकारात्मक ऊर्जा और दिव्य आशीर्वाद से भर देती है, लेकिन आम सवाल जो लोगो के मन में उठता हैं कि क्या घर में तेल का दीपक जलाना शुभ होता हैं या अशुभ-

सही नियमों का पालन करना:
मंदिर या पूजा स्थल पर तय नियमों के अनुसार दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। इन नियमों का पालन करने से यह पक्का होता है कि इस प्रथा से ज़्यादा से ज़्यादा आध्यात्मिक लाभ मिले।
सकारात्मक ऊर्जा फैलाना:
जलता हुआ दीपक अंधेरे पर रोशनी और अज्ञान पर ज्ञान का प्रतीक है। यह पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलाता है, जिससे खुशी, शांति और समृद्धि आती है।
दीपक जलाने की शुभता:
मंदिर में तेल का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। यह भक्ति का एक भाव है जो देवताओं को प्रसन्न करता है।

खास असर के लिए खास तेल:
सरसों का तेल: शनि के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, खासकर शनि दोष के दौरान।
घी: आम तौर पर पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है और अक्सर खास इच्छाओं की पूर्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
घी और तेल के बीच चुनाव:
घी और तेल दोनों के दीपक पवित्र और शुभ माने जाते हैं। चुनाव व्यक्तिगत पसंद, परंपरा और पूजा के उद्देश्य पर निर्भर करता है।






