Vastu Tips- बच्चों का मन पढ़ाई लगाने के लिए इन वास्तु नियमों की पालना करें, जानिए पूरी डिटेल्स

दोस्तो हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र का बहुत अधिक महत्व हैं, जिसका प्राचीन विज्ञान आपके जीवन से नकारात्मकता दूर करता हैं और सकारात्मकता जीवन में लाता हैं, ऐसे में वास्तु में उन बच्चों के लिए भी नियम बताएं गए हैं, जिनका मन पढ़ाई में नहीं लगता है, इसका कारण अक्सर स्टडी टेबल की गलत जगह होती है। वास्तु बच्चे के कॉन्संट्रेशन, मेमोरी और पढ़ाई में ग्रोथ को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है। आइए जानते हैं स्टडी टेबल से जुड़े वास्तु नियमों के बारे में- 

1. पढ़ाई करते समय पूरब की ओर मुंह करके बैठें

स्टडी टेबल को इस तरह रखें कि बच्चे का मुंह पूरब की ओर हो। सूरज की रोशनी और पूरब दिशा से समझदारी और दिमाग की क्लैरिटी बढ़ती है। 

2. टेबल को दरवाज़े के सामने रखने से बचें

दरवाज़े की ओर मुंह करके स्टडी टेबल रखने से नेगेटिव एनर्जी सीधे अंदर आती है और ध्यान भटकता है। पक्का करें कि बच्चे का मुंह सीधे एंट्रेंस की ओर न हो।

3. बच्चे की पीठ दरवाज़े की ओर नहीं होनी चाहिए

दरवाज़े की ओर पीठ करके पढ़ने से इनसिक्योरिटी और बेचैनी होती है। इससे कॉन्संट्रेशन टूट सकता है और प्रोडक्टिविटी कम हो सकती है।

4. टेबल को कभी भी बीम के नीचे न रखें

बीम (लिंटेल) के नीचे टेबल रखने से मेंटल प्रेशर बनता है। इससे बच्चों में सिरदर्द, स्ट्रेस और चिड़चिड़ापन हो सकता है।

5. ठीक सामने दीवार न रखें

बच्चे के ठीक सामने पक्की दीवार क्रिएटिविटी, करियर ग्रोथ और फ्री थिंकिंग को रोक सकती है। सामने थोड़ी खुली जगह रखने से दिमाग एक्टिव और खुला रहता है।

6. हल्के और सुकून देने वाले टेबल कलर चुनें

स्टडी टेबल का कलर नेचुरल लकड़ी, हल्का हरा या क्रीम होना चाहिए।

काले या लाल जैसे गहरे रंगों से बचें, क्योंकि वे दिमाग पर भारी लग सकते हैं। हल्के रंग शांति और बेहतर फोकस को बढ़ावा देते हैं।