Jyotish Tips- हाथ में कौनसे कलर का कलावा पहनना चाहिए, जानिए सही वक्त के बारे में

दोस्तो हिंदू धर्म हाथ में कलवा पहनना शुभ माना जाता है, दोस्तो आपको बता दें कि यह धागा केवल फैशन के लिए नहीं बल्कि इसका गहरा आध्यात्मिक महत्व है। इसे सुरक्षा देने वाले ताबीज़ के तौर पर पहना जाता है, यह पहनने वाले को नेगेटिव एनर्जी, बुरी नज़र और दूसरे आध्यात्मिक खतरों से बचाता है। आइए जानते हैं इंसान को कौनसे हाथ में किस कलर का कलवा पहनना चाहिए और किस समय पहनना चाहिए- 

कलावा का महत्व

कलावा सिर्फ़ एक धागे का टुकड़ा नहीं है; यह दिव्य ऊर्जा और सुरक्षा का प्रतीक है। पारंपरिक रूप से, यह धागा कलाई पर पहनने वाले को नेगेटिव ताकतों से बचाने और उनके जीवन में पॉजिटिव ऊर्जा लाने के लिए बांधा जाता है। 

कलावा पहनने के फ़ायदे

पवित्र धागा कई रंगों में आता है, हर रंग सुरक्षा और आध्यात्मिक भलाई के एक अलग पहलू को दिखाता है। कहा जाता है कि खास ज्योतिषीय या निजी ज़रूरतों के हिसाब से दैवीय शक्ति मिलती है।

कलावा के अलग-अलग रंग और उनका महत्व

लाल धागा

लाल पवित्र धागा अक्सर ताकत और जीवन शक्ति से जुड़ा होता है। यह दैवीय ऊर्जा को आकर्षित करता है और पारंपरिक रूप से देवताओं, खासकर भगवान हनुमान का आशीर्वाद पाने के लिए बांधा जाता है। 

काला धागा

काला धागा अपनी सुरक्षा करने वाली खूबियों के लिए बहुत जाना जाता है। यह पहनने वाले को नेगेटिव एनर्जी, बुरी नज़र और बुरे असर से बचाता है।

पीला धागा

पीला धागा बृहस्पति (गुरु) ग्रह को मज़बूत करता है, जो ज्ञान, समझदारी और आध्यात्मिक विकास को कंट्रोल करता है। पीला धागा पहनने से करियर, पढ़ाई और दिमागी कामों में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं। 

कलावा कब और कैसे पहनें

लाल धागा: मंगलवार, नवरात्रि या हनुमान जयंती जैसे शुभ दिनों में पहनना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि कहा जाता है कि यह दैवीय शक्ति और सुरक्षा को बढ़ाता है।

काला धागा: शनिवार के लिए सबसे अच्छा है, क्योंकि यह नेगेटिव एनर्जी से सुरक्षा को मज़बूत करता है।

पीला धागा: गुरुवार से जुड़ा यह धागा बृहस्पति ग्रह के प्रभाव को बढ़ाता है, जिससे शिक्षा और करियर में सफलता मिलती है।

 

कलावा पहनने के नियम

पुरुषों के लिए: धागा दाहिनी कलाई पर पहनना चाहिए।

महिलाओं के लिए: धागा बाईं कलाई पर पहनना चाहिए।