Jyotish Tips- किन भगवानों को कितनी परिक्रमा लगानी चाहिए, आइए जानते हैं

दोस्तो हिंदू धर्म लोग भगवान को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के अनुष्ठान करते हैं, ऐसी ही एक पवित्र परंपरा है परिक्रमा। हिंदू धर्मग्रंथों में सदियों से वर्णित इस प्राचीन प्रथा में भक्ति और श्रद्धा के प्रतीक के रूप में किसी देवता या मंदिर की दक्षिणावर्त दिशा में परिक्रमा करना शामिल है। लेकिन क्या आपको पता हैं कि प्रत्येक देवता के विशिष्ट नियम और परिक्रमा की एक निर्धारित संख्या होती है। आइए जानते हैं किस देवता की कितनी प्ररिक्रमा करनी चाहिए- 

1. भगवान शिव - 

भगवान शिव की परिक्रमा करते समय, भक्तों को केवल अर्ध परिक्रमा ही करनी चाहिए। अभिषेक धारा (शिवलिंग से बहने वाला पवित्र जल) को पार नहीं करना चाहिए। यह शिव की दिव्य शक्ति के प्रति विनम्रता और सम्मान का प्रतीक है।

2. भगवान गणेश - तीन परिक्रमाएँ

विघ्नहर्ता भगवान गणेश की भक्त तीन परिक्रमाएँ करते हैं। यह साधना सफलता, बुद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति प्रदान करती है। 

3. भगवान विष्णु, भगवान राम और भगवान कृष्ण - चार परिक्रमाएँ

ब्रह्मांड के पालनहार होने के नाते, भगवान विष्णु - और उनके अवतारों, भगवान राम और भगवान कृष्ण - की चार परिक्रमाएँ की जाती हैं। 

4. देवी दुर्गा और अन्य देवियाँ - एक परिक्रमा

देवी दुर्गा और शक्ति के अन्य सभी रूपों की भक्त एक परिक्रमा करते हैं। यह क्रिया भक्ति, पवित्रता और दिव्य ऊर्जा एवं सुरक्षा के आह्वान का प्रतीक है।