Pitru Paksha- किसी मनुष्य की मृत्यु के इतने साल बाद करना चाहिए श्राद्ध, जानिए पूरी डिटेल्स

By Jitendra Jangid- दोस्तो हिंदू धर्म में पितृ पक्ष बहुत ही महत्वपूर्ण हैं, जो कि 7 सितंबर से शुरु होकर 21 सितंबर को समाप्त होगें, इस दौरान पूर्वजों के सम्मान और आदर के लिए श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण जैसे कर्मकांड किए जाते हैं। ऐसे में परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद पहला श्राद्ध कब किया जाना चाहिए, आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स

मृत्यु के बाद पहले श्राद्ध को वार्षिक श्राद्ध या बरसी कहते हैं।

यह ठीक एक वर्ष बाद, मृत्यु की उसी तिथि (चंद्र तिथि) पर किया जाना चाहिए।

यह मृत्यु के पहले 10 दिनों के भीतर या उसी वर्ष के पितृ पक्ष के दौरान नहीं किया जाता है।

मृत्यु के तुरंत बाद कौन से कर्मकांड किए जाते हैं?

मृत्यु के बाद पहले 10 दिनों में पिंडदान की प्रक्रिया की जाती है।

ये कर्मकांड दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए होते हैं।

पितृ पक्ष में श्राद्ध

वार्षिक श्राद्ध के अलावा, दिवंगत आत्मा का श्राद्ध 15 दिनों के पितृ पक्ष काल में भी किया जा सकता है।

यह श्राद्ध आमतौर पर मृत्यु की चंद्र तिथि पर ही किया जाता है।

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