Mahendipur Balaji Temple Rules- मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के प्रसाद, वस्त्र से जुड़े नियमों के बारे में जान लें, नही होगी कोई परेशानी
- byJitendra
- 15 Sep, 2025
दोस्तो राजस्थान के महवा में बसें मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध हैं, जहाँ भक्तजन जीवन की बाधाओं से मुक्ति और आशीर्वाद पाने के लिए आस्था के साथ आते हैं। इस मंदिर में दर्शन के लिए कुछ सख्त नियमों और परंपराओं का पालन करना आवश्यक है। आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में-

प्रसाद:
बालाजी महाराज को प्रसाद के रूप में लड्डू चूरमा चढ़ाया जाता है।
प्रतिबंधित प्रसाद:
मंदिर में फूल, नारियल, माला, वस्त्र और मिठाई नहीं चढ़ाई जाती।
प्रसाद का सेवन:
मंदिर में दिया गया प्रसाद वहीं बैठकर खाना चाहिए। इसे बाहर ले जाने या घर ले जाने की अनुमति नहीं है।
दर्शन का क्रम:
भक्तों को सबसे पहले बालाजी महाराज, फिर कोतवाल भैरव बाबा और अंत में प्रेतराज सरकार के दर्शन करने चाहिए।
दर्शन के बाद का नियम:
मंदिर से बाहर निकलने के बाद, आपको पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए।
भोजन संबंधी प्रतिबंध:
मांस, अंडे, शराब, प्याज या लहसुन का सेवन करने के बाद मंदिर में प्रवेश करना सख्त वर्जित है।
मंदिर के अंदर व्यवहार:
मंदिर के अंदर शोर मचाना, हँसना, मज़ाक करना या अनावश्यक बातचीत करना पाप माना जाता है।
गैजेट्स का उपयोग:
मंदिर परिसर में फ़ोटोग्राफ़ी और मोबाइल फ़ोन का उपयोग पूरी तरह वर्जित है।

आस्था और भक्ति:
केवल वे ही लोग जो सच्ची श्रद्धा और शुद्ध मन से बालाजी महाराज के मंदिर में आते हैं, उनकी बाधाएँ दूर होती हैं।
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