Jyotish Tips- इस ग्रह के कमजोर होने से होती है अकाल मृत्यु, जानिए पूरी डिटेल्स
- byJitendra
- 03 Sep, 2025
By Jitendra Jangid- दोस्तो हिंदू धर्म में ज्योतिष शास्त्र को बहुत अधिक महत्व हैं, जो आपके अच्छे बुरे का हिसाब किताब भी रखते हैं, ऐसे में क्या आपको पता हैं कि व्यक्ति के कर्मों के फल और कभी-कभी ग्रहों की अशुभ स्थिति भी अकाल मृत्यु का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कौनसे ग्रहों की स्थिति खराब होने से अकाल मृत्यु का कारण बनती हैं-

अकाल मृत्यु के ज्योतिषीय कारण
अशुभ ग्रह: शनि, मंगल, राहु और केतु मुख्य रूप से अकाल मृत्यु से जुड़े हैं।
राहु-केतु की स्थिति: जब राहु या केतु अष्टम भाव या अन्य अशुभ भावों में स्थित होते हैं, तो वे अकाल मृत्यु के योग बनाते हैं।
मंगल और सूर्य की युति: यदि मंगल कुंडली के दूसरे, सातवें या आठवें भाव में स्थित हो और उस पर सूर्य की पूर्ण दृष्टि हो, तो अग्नि या दुर्घटना से मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
राहु-मंगल युति: जब राहु और मंगल समसप्तक योग में एक-दूसरे से युति या दृष्टि रखते हैं, तो यह अकाल मृत्यु का भी संकेत हो सकता है।

अकाल मृत्यु से बचने के उपाय
महामृत्युंजय मंत्र का जाप: प्रतिदिन भक्तिपूर्वक 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
पूर्वज पूजन: पूर्वजों के लिए नियमित रूप से तर्पण और श्राद्ध कर्म करें।
दान और दान: दान देना और ज़रूरतमंदों की मदद करना नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए अत्यधिक लाभकारी माना जाता है।
Disclaimer: This content has been sourced and edited from [abpliveHindi]






