Jyotish Tips- किताब में मोरपंख रखने से मिलेत हैं ये लाभ, जानिए इनके बारे में
- byJitendra
- 25 Nov, 2025
दोस्तो जैसा कि हम सब जानते हैं कि हिंदू धर्म में मोर पंख का बहुत अधिक महत्व हैं, जिसको भगवान कृष्ण का प्रतिक माना जाता हैं, जो कि ज्ञान, बुद्धि और सीखने की देवी सरस्वती के आशीर्वाद से भी जुड़ा है। कई स्टूडेंट फोकस, क्लैरिटी और सुरक्षा के लिए एक पारंपरिक उपाय के तौर पर अपनी किताबों में मोर पंख रखते हैं। आइए जानते हैं इसके महत्व के बारे में-

1. मोर पंख और पॉजिटिव एनर्जी
मोर पंख में पॉजिटिव वाइब्रेशन होती हैं। जब इसे किताब के अंदर रखा जाता है, तो यह दिमाग को शांत करने, याद रखने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है।
2. कंसंट्रेशन और याददाश्त बढ़ाता है
मोर पंख बुरी नज़र, नेगेटिविटी और नुकसानदायक एनर्जी को दूर रखता है। यह पढ़ाई के लिए एक पॉजिटिव माहौल बनाता है और सीखने और याददाश्त से जुड़ी रुकावटों को दूर करने में मदद करता है।
3. नेगेटिव एनर्जी दूर करता है
पारंपरिक मान्यता के अनुसार, मोर पंख होने से आस-पास से फालतू एनर्जी सोखने में मदद मिलती है, जिससे पढ़ाई की जगह ज़्यादा शांत और प्रोडक्टिव बनती है।

4. देवी सरस्वती का खास आशीर्वाद
मोर पंख देवी सरस्वती को बहुत प्रिय हैं, इसलिए माना जाता है कि उन्हें किताब में रखने से बुद्धि बढ़ती है, दिमाग तेज होता है।
5. भगवान कृष्ण का आशीर्वाद
किताबों में मोर पंख रखना भगवान कृष्ण की कृपा पाने का एक तरीका माना जाता है। इससे स्ट्रेस, डर और एग्जाम से जुड़ी चिंता कम होती है, जिससे अंदर का कॉन्फिडेंस आता है।
6. पंख कैसे और कहाँ रखें
अपनी मेन किताब में या पहले पेज पर एक या तीन मोर पंख रखें।
ध्यान रखें कि वे साफ और सही-सलामत रहें—कभी फटे या खराब न हों।
हर गुरुवार को पूजा के तौर पर पंख पर थोड़ा सा केसर (कुमकुम) का तिलक लगाएं।






