Dhanteras Special- धनतेरस के दिन इस चालीसा का करें पाठ, दिन रात मिलेगी तरक्की
- byJitendra
- 07 Oct, 2025
दोस्तो दिवाली से दो दिन पहले रहने वाला त्यौहार धनतेरस को पूरे भारत में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन भक्त भगवान धन्वंतरि, देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करते हैं और स्वास्थ्य, धन और समृद्धि की कामना करते हैं। इस त्योहार का सम्मान करने का एक सबसे पवित्र तरीका कुबेर चालीसा का पाठ करना है, धनतेरस पर कुबेर चालीसा का पाठ करने से करियर में मिलती हैं तरक्की, जानिए पूरी डिटेल्स

1. कुबेर चालीसा का महत्व
कुबेर चालीसा धन के देवता भगवान कुबेर को समर्पित एक भक्ति भजन है।
धनतेरस पर श्रद्धापूर्वक इसका पाठ करने से भाग्य का ताला खुलता है, समस्याओं का समाधान होता है और समृद्धि आती है।
यह भक्ति को सुदृढ़ करता है और व्यक्ति के जीवन में दिव्य आशीर्वाद को आमंत्रित करता है।
2. श्लोक और अर्थ
भगवान कुबेर की स्तुति: अटल हिमालय और अविचल सुमेर पर्वत की तरह, भगवान कुबेर स्वर्ग के द्वार पर अडिग खड़े हैं, विघ्नहर्ता और कल्याण के दाता।

जय श्री कुबेर भंडारी: चालीसा में कुबेर की स्तुति धन के स्वामी, निडर और शक्तिशाली, स्वर्ग के द्वारों की रक्षा करने वाले, भगवान इंद्र के आज्ञाकारी और दिव्य शक्ति के प्रतीक के रूप में की गई है।
दिव्य योद्धा: यक्षों और यक्षिणियों की सेना का नेतृत्व करते हुए, कुबेर एक शक्तिशाली योद्धा हैं जो बुराई से लड़ते हैं, सदैव विजयी होते हैं और अपने भक्तों के कष्टों का निवारण करते हैं।
दिव्य वंश और वरदान: कुबेर का वंश पूजनीय है, विश्रवा उनके पिता थे। तपस्या और भक्ति के माध्यम से, उन्होंने भगवान शिव से वरदान प्राप्त किए, दिव्यता प्राप्त की और अमर हो गए। देवी-देवता उनके साथ रहते हैं, जो सुरक्षा और धार्मिकता के प्रतीक हैं।
3. पाठ कैसे करें
भक्तों को चालीसा का पाठ पूरी ईमानदारी और एकाग्रता के साथ करना चाहिए, खासकर धनतेरस के दिन सुबह या शाम को।
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