Astro Tips- आखिर क्यों कपालेश्वर मंदिर के शिवलिंग के सामने नहीं नंदी महाराज, आइए जानें
- byJitendra
- 11 Aug, 2025
By Jitendra Jangid- दोस्तो हाल ही में सावन का पवित्र महीना खत्म हुआ हैं, जो भगवान को शिव को समर्पित हैं, इस दौरान भक्त विभिन्न शिव मंदिरों में जाकर पूजा करते है और शिव का आर्शिवाद पाते हैं, ऐसे में बात करें महाराष्ट्र के नासिक में पवित्र गोदावरी नदी के तट पर रामकुंड क्षेत्र में स्थित कपालेश्वर मंदिर भगवान शिव के मंदिरों में एक विशेष स्थान रखता है। लेकिन इस मंदिर की शिवलिंग के सामने नंदी महाराज की मूर्ति नहीं है, जो इसे अलग बनाता हैं, आइए जानते हैं ऐसा क्यों-

सावन में विशेष महत्व
यहाँ सावन का महीना अत्यंत शुभ माना जाता है।
दूर-दूर से भक्त भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने आते हैं।
मंदिर के पीछे पौराणिक कथा
ब्रह्मा के पाँचवें मुख की घटना - भगवान शिव ने ब्रह्मा द्वारा निंदा किए जाने पर उनका पाँचवाँ मुख काट दिया था।
ब्रह्महत्या का पाप - इस कृत्य के कारण शिव पर ब्रह्मा की हत्या का पाप लगा, जिसके कारण वे मोक्ष की तलाश में भटकने लगे।
नंदी की सलाह - जब शिव सोमेश्वर पहुँचे, तो एक बैल (नंदी) ने उन्हें रामकुंड में स्नान करके स्वयं को शुद्ध करने की सलाह दी।
पवित्रता की प्राप्ति - सलाह मानकर, शिव ने रामकुंड में स्नान किया और पाप से मुक्त हो गए।
गुरु-भक्ति - नंदी की बुद्धि से प्रभावित होकर, शिव ने उन्हें न केवल अपना वाहन, बल्कि अपना गुरु भी स्वीकार किया।

नंदी की मूर्ति न होने का कारण - चूँकि नंदी को उनका गुरु माना जाता था, इसलिए शिव ने इस मंदिर में नंदी को अपने सामने नहीं रखा।
इस प्रकार, कपालेश्वर मंदिर न केवल एक पूजा स्थल है, बल्कि गुरु के प्रति भक्ति, विनम्रता और दिव्य सम्मान का भी प्रतीक है।
Disclaimer: This content has been sourced and edited from [tv9Hindi]






